अंतरिक्ष में भारत का योगदान क्या है?


अंतरिक्ष में भारत का योगदान क्या है?  / अंतरिक्ष कार्यक्रमों में भारत देश की भूमिका 

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तो अंतरिक्ष युग की शुरुवात हुई थी 1957 के साल से और भारत देश के अंतरिक्ष प्रोग्रामो की शुरुवात हुई थी 1962 के साल से , अंतरिक्ष विभाग या आयोग की स्थापना हुई थी 1972 में और PSLV का पूर्ण रूप से अर्थ है पोलर सॅटॅलाइट लॉन्च व्हीकल , और भारत देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक और पिता कहा जाता है डॉक्टर विक्रम साराभाई को और भारतीय मिसाइल या प्रक्षेपात्र के कार्यक्रम का जनक कहा जाता है डॉक्टर ए पी जे अब्दुल कलाम को और भारतीय अंतरिक्ष अनुसन्धान संगठन मतलब की इसरो की स्थापना हुई थी 1969 में जब की इसी साल भारत देश की CISF फोर्स की भी स्थापना हुई थी । इसरो का का मुख्यालय बैंगलोर में स्थित है , अंतरिक्ष में प्रथम जिव के तौर पर प्रथम जानवर ले जाया गया था कुत्ता  जिसका नाम है लाइका जो की एक कुतिया है , और अंतरिक्ष में पहुंचने वाला प्रथम व्यक्ति था मजार यूरी गगारिन जो की सोवियत संघ से 1961 में लॉन्च किया गया था , और अंतरिक्ष में जाने वाली प्रथम महिला थी वेलेंटिना टेरेश्कोवा जो की सोवियत संघ से ही 1965 में लॉन्च किया गया था । और अंतरिक्ष में तैरने वाली प्रथम महिला थी स्वेतलाना सवित्याकाया और अंतरिक्ष में प्रथम एशियाई फाम तुआनापे थे। और अंतरिक्ष में जाने वाला प्रभम भारतीय भूमि पुत्र था स्क्वार्डन लीडर राकेश शर्मा जो की 3 अप्रैल 1984 को अंतरिक्ष गए थे । अंतरिक्ष में प्रवेश करने वाली प्रथम भारतीय महिला थी कल्पना चावला जो की भारत देश के हरियाणा राज्य से थी जो की 1997 में अंतरिक्ष में गई थी अंतरिक्ष में प्रवेश करने वाली दूसरी भारतीय महिला थी शिरीशा बांदला जिन्होंने 2021 में अंतरिक्ष प्रवेश किया था। सर्वाधिक समय तक अंतरिक्ष में रहने वाली महिला थी क्रिस्टीना कोच जिन्होंने 2020 के साल में 328 दिन अंतरिक्ष में बिताये । और प्रथम मानव रहित अंतरिक्ष यान का नाम था लूना – 16 और भारत देश का प्रथम चालक रहित अंतरिक्ष यान का नाम था लक्ष्य और चन्द्रमा की सतह पर पैर रखने वाला प्रथम पुरुष था निल आर्मस्ट्रांग जो की अनेरिका देश से 21 जुलाई 1969 को अंतरिक्ष में गए थे , चन्द्रमा पर मानव को पहुंचाने वाला प्रथम अंतरिक्ष यान था अपोलो – 11 और चन्द्रमा पर मानव भेजने वाला प्रथम देश था संयुक्त राष्ट्र अमेरिका  और प्रथम अंतरिक्ष पर्यटन भेजने वाला प्रथम देश अमेरिका ही है और पर्यटक का नाम था डेनिस टीटो, पहली महिला अंतरिक्ष पर्यटक का नाम है अनुसेह अंसारी और प्रथम अंतरिक्ष शटल कोलंबिया से मतलब की अमेरिका से ही था । और मंगल ग्रह पर उतरने वाला प्रथम अंतरिक्ष यान था वाइकिंग – 1, और अंतरिक्ष में प्रक्षेपित प्रथम उपग्रह था स्पूतनिक 1 जो की सोवियत संघ द्वारा 1957 में लॉन्च किया गया था । और भारत देश का प्रथम प्रक्षेपित उपग्रह का नाम है आर्यभट्ट जो की 19 अप्रैल 1975 को सोवियत संघ से ही प्रक्षेपित किया गया था , भारत देश की राष्ट्रिय सुदूर संवेदी एजेंसी है हैदराबाद में और भारतीय सुदूर संवेदी संसथान है देहरादून में , विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र है त्रिवेंद्रम में और , सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र शार स्थित है श्री हरिकोट में  जो की आंध्रा प्रदेश राज्य में स्थित है , स्पेस एप्लिकेशन सेंटर स्थित है अहमदाबाद में और , भारत का पहला मौसम उपग्रह है मैटसैट , और भारत का प्रथम कृत्रिम उपग्रह है रोहणी , और भारत का प्रथम संचार उपग्रह है एप्पल , और भारत के प्रथम चन्द्रमिशन का नाम था चंद्रयान 1 जो की 2008 के साल में प्रक्षेपित किया गया था , और दूसरे चन्द्रमिशन का नाम था चंद्रयान 2 जो की 2019 में प्रक्षेपित किया गया था ।


भारत के रक्षा प्रणाली के लिए कुछ सफल परिक्षण

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भारत देश की तकनीकी सुरक्षा को ध्यान में में रखते हुआ और भारतीय सेना की तकनीकी सुविधावो को आसान बनाने की लिए DRDO की मतलब की रक्षा अनुसन्धान और विकास संगठन की स्थापन वर्ष 1958 में डॉक्टर ए पी जे अब्दुल कलाम की द्वारा की गई थी , और DRDO का मुख्या कार्य रक्षा की सन्दर्भ में अनुसन्धान , डिजाइन और विकास कार्यक्रमों को संचालित करना drdo का कार्य है , भारत का एकीकृत प्रक्षेपात्र विकास कार्यक्रमों की शुरुवात 1982-83 में शुरू किया गया था , और 1980 में स्वतंत्र रक्षा अनुसन्धान और विकास विभाग की नियुक्ति हुई जिसका की मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है , वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसन्धान परिषद्  की स्थापना 1942 में हुई थी जिसका मुख्यालय नई दिल्ली में ही है , भारत देश की पहली मिसाइल का नाम था पृथ्वी , पृथ्वी जमीन से जमीन पर मर करने में सक्षम होती है और इसकी मारक क्षमता है 250 किलो मीटर जो की एक बैलेस्टिक मिसाइल है, पृथ्वी प्रक्षेपात्र का प्रथम परिक्षण 25 फरवरी 1988 में चांदीपुर अंतरिम परिक्षण केंद्र से किया गया था, और अग्नि जमीन से जमीन पर मार करने वाली 3500 किलो मीटर की दुरी तक जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है । अग्नि i का प्रथम सफल परिक्षण किया गया था 22 मई 1989 में , और त्रिशूल कम दुरी में जमीन से हवा में मार करने वाली 9 किलो मीटर तक जाने वाला प्रक्षेपात्र है और त्रिशूल का पहला सफल परिक्षण 5 जून 1989 को किया गया था , और नाग एक टैंक रोधी निर्देशित प्रक्षेपात्र है जिसकी मारक क्षमता 4 किलो मीटर तक की है , नाग का प्रथम सफल परिक्षण 24 नवम्बर 1990 में किया गया था । नाग को दागने की बाद कोई भी दिशा निर्देश की आवश्यकता नहीं होती है इसे दागो और भूल जाओ ऐसी टैक रोधी प्रक्षेपात्र कहा जाता है , आकाश एक जमीन से हवा में मार करने वाली 25 किलो मीटर की टारगेट को पूरा करने वाली बहुलक्षीय प्रक्षेपात्र है और आकाश का प्रथम सफल परिक्षण 14 अगस्त 1990 को चांदीपुर में किया गया था । अस्त्र भारत देश का प्रथम हवा से हवा में मार करने वाला प्रक्षेपात्र है । और युद्धक टैंक अर्जुन का विकास रक्षा अनुसन्धान और विकास संगठन की द्वारा किया गया था जिसे की 1996 में सेना को समर्पित किया गया था। तेजस एक स्वदेश में निर्मित प्रथम हलका लड़ाकू विमान है , और प्रथम चालक रहित भारतीय विमान का नाम था लक्ष जो की बिना पायलेट की ऑपरेट रिमोट कण्ट्रोल से किया जाता है । निशांत स्वदेश तकनीक से निर्मित पायलट रहित प्रशिक्षण विमान है । ब्रम्होस सुपरसोनिक क्रूज प्रक्षेपात्र एक सुपर सोनिक क्रूज मिसाइल है । ब्रम्होस मुख्यता एक पोतनाशक प्रक्षेपात्र है । तो सभी अभ्यर्थियों ने भारत देश की शुरू के समय में देश की सुरक्षा की लिहाज से बहुत ही योगदान पूर्ण अपना समर्पण दिया और यह सम्पूर्ण जानकारी आपको सिर्फ और सिर्फ अभ्यास और विद्यार्थी अध्ययन के तौर पर आप तक पहुंचाई जा रही है , यह जानकारी सिर्फ और सिर्फ आपको भारत देश से जुड़े कुछ नए अविष्कारों को दिखाना ही हमारा मकसद था।

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